Barsaat Ki Raat : बरसात की रात

Description
"आनंद से और रहा नहीं गया। उठके वो बेडरूम की ओर चला गया। दरवाजा खुला था। उसने अंदर झांक कर देखा। रेश्मा पीठ के बल सो रही थी। कंबल निचे खिसका हुआ था। कमरे की मंद रोशनी में भी उसकी बड़ी छाती आँखों में भर रही थी।"






















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